रविवार, 19 जून 2011

हैपी फादर्स डे

जिसकी  ऊँगली  को  पकड़  के  हम  चले  है  ,, 
जिसके  द्वारा  ही  सभी  गुण  हमें  मिले  है  ,, 
आज  का  दिन  मेरे  पापा  को  अर्पण   , 
गाड  से  अच्छे  मुझे  पापा  मिलें  हैं  , 
क्या बुरा अच्छा है क्या हमको बताया , 
रास्ता अच्चा सदा हमको दिखाया , 
सबका है अपना अपना खाश दिन ,
उनके लिए भी यह खाश दिन आया , 

                                                     फादर्स डे की लाख लाख  बधाईयाँ ,   
                                                                                                              हैपी फादर्स डे

शुक्रवार, 3 जून 2011

मेहनत का फल ,

 रामू का शिक्षा का परिणाम आया था उसने कड़ी मेहनत करके अपने कॉलेज में टॉप किया था , कॉलेज की तरफ से ये घोषणा की गयी थी की जो भी छात्र कॉलेज टॉप  करेगा उसको कॉलेज की तरफ से एक साल मुफ्त में पढाया जायेगा और उसको दस हजार रूपये भी इनाम के रूप में दिए  जायेंगे ! आज कॉलेज में उसको इनाम के दस हजार रूपये और एक प्रमाण पत्र  मिलेगा , उसके लिए बह अपने घर से निकला तो रस्ते में एक छोटा सा लड़का मिला उसने रामू को रोक लिया और पूछने लगा की मैंने सुना है की आज तुमको इनाम मिलने बाला है क्या ये सच है , रामू ने उसको समझाते हुए बताया की बह इनाम उसकी मेहनत का फल है जो आज मिलने बाला है ! उसने रामू से पूंछा की क्या बह इनाम कभी मुझे भी मिल सकता है ! रामू बोला हाँ क्यों नहीं मिल सकता जो मेहनत करेगा उसको मेहनत का फल तो मिलेगा ही ! अगर तुम भी मेहनत से पदाई करोगे तो यह इनाम एक दिन तुमको भी मिलेगा , रामू की बात सुनकर बह लड़का हस्त हुआ अपने घर की तरफ चला गया और रामू भी कॉलेज में अपना इनाम लेना चला गया ,, अगर हम मेहनत करते है तो उसका फल हमको कभी न कभी तो जरूर मिलता है , फल की चिंता न करते हुए हमको कार्य करते रहना चाहिए !
 

उत्साहवर्धन

रामू अपने क्लास में सबसे कमजोर था सभी बच्चे अपना अपना काम कर लेट थे लिकिन रामू अपना काम नहीं कर पता था इसके लिए रामू के टीचर रामू को क्लास से बहार का रास्ता दिखा देते थे . एक बार कॉलेज में डिप्टी साहब आये . रामू को क्लास के बहार खड़ा देख कर बह टीचर से बोले , इस बच्चे को बहर क्यों खड़ा किया है , क्या बात है , टीचर बोले ये आपना काम पूरा नहीं करता है और इस कारण इसको क्लास से बहार निकलने की सजा दी है . डिप्टी साहब बोले , ये तो बच्चा है अगर ये अपना काम पूरा नहीं करके लाता है तो तुम इसको पीट रहे हो या सजा दे रहे हो तो क्या ये पढाई करने लगेगा नहीं ये तुम्हारी मार पीट का अभ्यस्त  हो जायेगा और फिर तुम्हारे कुछ भी करने से ये काम पूरा नहीं करेगा , बच्चों से हमेश प्यार से बात करें और उनको उत्त्साह के साथ पढाएं और उनको उत्साहित  करते रहे ,, 

मंगलवार, 31 मई 2011

मजबूरी

काम  करने  की  कामना ,
मुझमें  जगा  कर  वो  गयी  , 
खोल चक्षु  सपने  देख  ,
एक  राज  मुझको  दे  गयी ,
ना  पता  थी  निपटने  की ,
युक्ति  उस  अनजान  से  ,
सामने  आकर  मिरे  बो , 
युक्ति  मुझको  दे  गयी  , 
उसको अपना मानना था ,
जो कभी अपना ना था   , 
उसको पाने चल दिया मैं ,
जो कभी सपना ना था , 
क्या बताऊँ यार मैं ,
बह नाम  था मजबूरी का , 
तात बनबाना गधे को ,
काम  है मजबूरी का , 
और कुछ ना समझना ,
ये लेख है मजबूरी का , 
तुमो जो मैंने बताया ,
क्या रूप है मजबूरी का , 

शुक्रवार, 27 मई 2011

कबिता दुकानदार,

सुबह से शाम तक ग्राहक को देखता है
कितने की नगद कितने की उधार
हिसाब लगाकर ही सोता है
सुबह मंदिर में जाता है 

बस यही मांगकर आता है
 उधार बालों को मत भेजना
भोली गाय  बनकर लेता है
शेर बनकर दुकान खा जाता है
कभी दस कभी पचास भी कमाता है
नफा  से खर्चा असल  से सौदा लाता है
उधार बला तो उधार ले जाते है
मांगो तो भंग जायेंगे क्या
रोव  जमाते है 
पत्नी के गहनों को  डालकर
सौदा दूकान की लाता है
 पैकिट पर दस बीस पैसे बचाकर
 सालों में अपने माल को छूता पाता  है
दुकान प्रर  आये ग्राहक
यही सोचता रहता है  हरदम
 नगद दस उधार दो  का भी गम है
नगद दस में एक तो बच जाता है 
उधार में कुछ भी नहीं बच पाटा  है
दुकानदार ग्राहक को देवता  मानता है
बही तो है जो दुकानदार के
सारे  परिवार को पलता है    

सोमवार, 23 मई 2011

इच्छा शक्ति

जो व्यक्ति  सपने  नहीं  देखता  है  बह  जीवन  में  कुछ  नहीं  करता  है , सपने देखना कोई बुरी बात नहीं है ,, लेखिन उनको पूरा  न करना ही ,हमें हमारी मंजिल से दूर ले जाता है , हमें हर सपने को साकार करने के लिए एक इच्छा शक्ति की जरूरत होती है जो की हमें हमारी मंजिल तक ले जाने में हमारी मदद करती है , 
                                                                                                                                             राम किशोर मृदुल 

अकेलापन

अकेला अब नहीं है सक्श , कोइ भी जमाने में , 
किसी के साथ में खुशियाँ , किसी के साथ में गम है ,